Monday, December 20, 2021
नफरत
Friday, December 17, 2021
दो पल की ज़िन्दगी
काली सोच
Thursday, December 16, 2021
रूही का तमस (Anger from someone who touches the heart)
Wednesday, December 15, 2021
दोस्ती
Monday, December 13, 2021
भुला दे मुझको
Saturday, December 11, 2021
कसम खा ना रोएगा मेरी मोहब्बत को तोल कर
दशकों की ज़िंदगी
Thursday, December 9, 2021
मुझे प्यार कर
ना समझ सका
ना कह सका
वो कह गईं
जो कहना था
जो था नहीं
तो गम है क्यों
मैं हूं यहां
पर गुम हूं क्यों
यहीं कहीं
पे दिल मेरा
चुरा लिया
दिया नहीं
कहा मुझे
मैं तेरी हूं
लिपट गई
वो सीने से
सिमट गई
वो सांसों में
यूं बंध गया
मैं जान कर
क्यूं रुंध गया
गला मेरा
जो वो गई
यूं छोड़ कर
भला बुरा
सब बोल कर
ना दिल धड़क
रहा मेरा
पर दिल तड़प
रहा है क्यों
क्यों ढूंढते
नयन मेरे
उन्हें अभी
भी भीड़ में
वो काश यूं हीं
फिर हसाए
या दिल करे
तो फिर रुलाए
या मुंह फुलाए
रूठ जाए
मैं मनाऊं
फिर उसे
लिपट के मुझसे
फुस फुसाए
कानों में
कोई प्यारी बात
बोल कर
मुझे चिढ़ाए
में चिढ़ जो जाऊं
आंखों से
वो आशिकी
दम भर सिखाए
हाय, रूक जा तू
ना जा कहीं
मेरे पास रह
मेरी जिंदगी
जी लूं तुझे
हर सांस में
पी लूं तुझे
फिर भी यूं ही
प्यासा रहूं
तेरी आस में
ना देर कर
आ जा अभी
मुझमें सिमट
मुझसे लिपट
लब को तेरे
लब से चिपट
हम इक बदन
हो कर रहें
इक दूसरे में
खो कर रहें
बस प्यार कर
मुझे प्यार कर
दीदार दे
दिलदार कर
मुझे प्यार कर ।
Saturday, October 23, 2021
दिल की धड़कनें
रात अभी बाकी थी , सुबह को थामे,
चाँद अभी ठहरा था, ठहरी थी शामें,
ओस की बूंदें थीं, घासों के लब पर,
हमसे अलग हैं वो, हमको तलब कर |
कुछ तो था कहना, ऐसा है कहता
दिल मेरा, उनकी पनाहों में रहता,
पलकें उठाती, तो चलते थे खंजर
यूं मानो, हज़ारों ने छेदा हो पंजर।
न कह पाया अपनी कहानी ज़ुबां से,
फ़साने पुराने, या किस्से नवा से,
दिल की धड़कनें, धड़कती रहीं हैं,
शोलों की तरह भड़कती रहीं हैं।
हमारी कहानी कोई जी रहा है ,
मेरा अच्छा होना, मुझे पी रहा है,
वो खुश हैं, किसी और की ज़िन्दगी में,
रूह मेरी, बहानों में यूं घुल रहा है।