आँखों में कशिश
होठों पर शरम
यूं घायल ना हमें कीजिये
मेरा दिल है बहोत नरम
जिसे ढूंढती है नज़रें
चौतरफा, वो हम नहीं
हम तो सिर्फ आशिक हैं आपके
इश्क़ में भूलें तो भी गम नहीं
कहाँ खोयी रहती हैं आप
ख्वाबों की दुनिया में
सामने हम हैं आपके
क्या इस सच्चाई में दम नहीं ?
हमने कहा
कभी प्यार मोहब्बत की बातें
भी कर लो हुज़ूर
दिल डूबा जा रहा मेरा
थाम लो इसे
ना करो मजबूर