Saturday, September 12, 2026

आँखों में कशिश 
होठों पर शरम 
यूं घायल ना हमें कीजिये 
मेरा दिल है बहोत नरम 

जिसे ढूंढती है नज़रें 
चौतरफा, वो हम नहीं 
हम तो सिर्फ आशिक हैं आपके 
इश्क़ में भूलें तो भी गम नहीं 

कहाँ खोयी रहती हैं आप 
ख्वाबों की दुनिया में 
सामने हम हैं आपके 
क्या इस सच्चाई में दम नहीं ?

हमने कहा 
कभी प्यार मोहब्बत की बातें 
भी कर लो हुज़ूर 

दिल डूबा जा रहा मेरा 
थाम लो इसे 
ना करो मजबूर