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Wednesday, December 15, 2021

दोस्ती


दोस्ती होती दवा है 
और होती वो दुआ 
दिल के जख्मों को ये भर दे 
या उन्हें कर दे हरा 

तेरे दिल में शक हो कोई 
या हो कोई भी सवाल 
बेधड़क ही पूछना है 
दोस्ती की अच्छी मिसाल 

मन में गहरे घाव हों तो 
दोस्त को खुल कर बता 
बिन बताये आजमाना 
दोस्ती में है खता 

धारणाएं पालने से 
दोस्त ना बनते घने 
दो घड़ी जो मिल ले उनसे 
अपनों से बढ़ के बनें 

दिल अगर लग जाए उनसे 
दिल खुलासा कीजिये 
दिल संभाले दोस्त गर तो  
फिर भरोसा कीजिये 

मन बड़ा हीं मनचला है 
दैव हो कभी दुष्ट भी 
दैव भावों को सम्भालो 
दोस्ती में वो सही 

दानवी भावों से जो गर 
वचन बोलें दोस्त को 
चुभती है वो बात सारी 
दिल पे गहरी चोट हो 

वक़्त दें गर बात बिगड़े 
वक़्त हो सकती दवा 
ग़लतफ़हमी दूर कर दे 
या दोस्ती कर दे हवा 

सामना कभी दोस्त से हो 
गले से उनको लगा 
बात दिल की बोल दें सब 
दोस्ती हो मरहबा

Thursday, November 18, 2021

श्रद्धांजलि

 श्रद्धांजलि

माता को श्रद्धांजलि

देती उनकी कोख

बैठी स्वर्ग से देखती

देव सके ना रोक।


तृप्त है उनकी आत्मा

बच्चे अपने देख

पूरी हो गई ख्वाहिशें

थे जो एक अनेक।


रखना अपने पिता को

देख रेख में बेटी

आशीर्वाद रहेगा मेरा

ऐसा वचन में देती।


रिश्तों को कर दे माफ तू

रिश्ते होते हैं अटूट

अनदेखी कर गलतियां

जब बोलें भी वो झूठ।


दिल तेरा है सागर सा

माता को है ज्ञान

आसूं में बह जाने दे

मन में जो हो मलान।